Thursday, June 6, 2013

Sad (Dard) Shayari - Page III



क्या वजह है मेरे डरने की,
अब तो ख्वाइश है उनकी यादों में मरने की,
उन्हें क्यों इतना याद करता है दिल,
जिन्हें फुरसत नहीं हमें याद करने की।।


अपनों ने प्यार में रुला दिया,
क्या हुआ जो किसी और के लिए हमें भुला दिया,
हम तो वैसे भी अकेले थे,
क्या हुआ जो आपने ये एहसास दिल दिया,.,.,




ज़िन्दगी किसी का इंतज़ार नहीं करती,
तन्हाई कभी बेवफाई नहीं करती,
आपसे दूर होने का गम है वरना,
परछाई कभी जिस्म पे वार नहीं करती,.,.,.,


काश दिल की आवाज़ में इतना असर हो जाए,
हम आपको याद करें और आपको खबर हो जाए,
आज खुदा से इतनी ही दुआ है,
आप जो भी चाहो वो हकीक़त हो जाए।।।।।






छुप कर कहीं किसी और से दोस्ती नहीं की,
मेने किया था प्यार .. प्यार का कर्जा चुका दिया,
लोगों ने पूछा जब उदासी का सबब,
तो कोरे कागज पर टूटा हुआ दिल बना दिया,.,.,.,




लोग मिलते है और फिर एक दुसरे के करीब आते हैं,
और करीब आकर अक्सर जुदा हो जाते हैं,
अगर जुदा होना ही है तो लोग मिलते क्यों हैं?




आंसुओ को बहुत समझाया तन्हाई में आया करो,
महफ़िल में हमारा मजाक न उड़ाया करो,
इस पर आंसू तड़प कर बोले,
इतने लोगों में आपको तन्हा पते हैं,
इस लिए चले आते हैं।।।।



ज़िन्दगी हमेशा कुछ नया दिखाएगी,
कभी हँसाएगी तो कभी रुलाएगी,
इस पर भरोसा मत करना,
ये ज़िन्दगी है न जाने किस मोड़ पर अकेला छोड़ जाएगी,.,.,




क्या हूँ मैं और क्या समझाते हैं,
सब राज़ नहीं होते बताने वाले,
कभी तन्हाइयों में आकर देखना,
कैसे रोते हैं सबको हँसाने वाले।।।।




कभी दिल को कभी समां को जलाके रोये,
रात की गोद में सो गई जब सारी दुनिया,
तो चाँद को तेरी तस्वीर बनाके रोये……. 





ज़िन्दगी लहर थी आप शाहिल हुए,
न जाने कैसे हम से भूल हुए,
और हम आपकी दोस्ती के काबिल न हुए,
न भूलेंगे हम उस हसीन पल को,
जब आप हमारी छोटी सी दुनिया में शामिल हुए,.,.,.,






वो सागर नहीं आँसू थे मेरे,
जिसपर वो कश्ती चलाते रहे,
मंजिल मिले उन्हें यह आरज़ू थी मेरी,
इसलिए हम आँसू बहाते रहे।।।।।

हो सके तो प्यार का एतबार कर के देखना,
फिर लफ़्ज़ों से इकरार कर के देखना,
जूनून की हद से आगे निकल जायेंगे,
फ़क़त एक बार हम से इज़हार कर के देखना,

होता है दिल क्यू बेताब और बेकरार,
एक लम्हें का इन्तजार कर के देखना,
हिजर में करतें हैं शाबो-रोज़ की तरह,
घडी की टक टक शोमर कर के देखना,

तेरे इन्तजार में उमर भी गवा दी,
एक बार मेरा इन्तजार कर के देखना,
तेरे हुस्न की कशिश तेरी सादगी हैं जानी,
यह सब कुछ उस पर निसार कर के देखना,.,.,.,


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3 comments:

  1. तन्हा हे जिन्दगी बीना तेरे। जो न हो साथ
    तेरा ख्वाब टूट जाते मेरे। चहरे पे इक अजीब
    सी मुस्कुराहट रहती हे जब जागते हे
    नींद से सवेरे। अब किसी को क्या जवाब दे क्यों हँसते
    हे हम। ख्यालो को याद कर तेरे।।।।by mukesh

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